Elections 2019 (चुनाव)- फैसले की घडी

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The Lok Sabha Elections 2019 has already started and we see everywhere the air of elections 2019 going around. In this time when the Lok Sabha elections schedule 2019 are out, I would like to dedicate this poem to all the candidates and the voters.

Elections 2019

Elections 2019

स्वतंत्रता का असली नाच शुरू हुआ है आज
जब नेताओं को आया समझ जनता का है राज
की हार जीत बस दो पल का खेल है
सत्ता मिलेगी उसे जिसमें लड़ने का तेज़ है
सभी पार्टियां लगी पड़ी है सरेआम बतलाने में
कि हम हैं दूसरों से बेहतर लोगों को यह पाठ पढ़ाने में
कोई कर रहा रैली, तो कहीं इस्तेहार है
आजकल तो बस अखबार में Elections का  बुखार है

 5 year Rule

5 साल की सत्ता में जो कर ना सके आप

3 महीने पहले वह कर दिखाया
खुद का देश जोखिम में डाल

देशवासियों को बेवकूफ बनाया

अब तो बस आपकी ही जय जयकार है
आर्मी की आड़ में कर रहे खुद का प्रचार हैं
कोई समझाओ इन्हें अपने facts पहले जांच कराएं

दूसरों को ज्ञान तब बातें जब समझ आए सत्ता का न्याय ।

दूसरों की बुराई से अपनी नौका पार नहीं होगी
पहले खुद का दम पर कुछ करो तब बात होगी
आपके वक्तृत्व कला (oratory skills) तो बड़े कमाल के हैं
जाते जाते यह तो बताइए कि विमुद्रीकरण (Demoistisation) का असली राज़ क्या है।

The Ruling Legacy

इनके तो अपने अनोखे हैं अंदाज और रंग,
कहीं कुछ भी बोल जाए ऐसे हैं आपके ढंग
सिर्फ नाम से कोई नेता नहीं बन सकता आज ,
डेमोक्रेसी है यह इसे ना बनाएं अपनी family का मौहताज।माना आपकी पार्टी का एहसान है इस देश पर
पर यह नहीं कोई वजह कि पप्पू को खड़ा कर दिया आपने स्टेज। पर जरा कोई दमदार candidate लेकर आइए
वरना पिछले साल की तरह इस साल भी बस लोकसभा में टेबल बजायेगे।
ये २१ सेंचुरी का देश है इसे हल्के में ना लें
ज्यादा होशियारी कहीं आपसे आपकी कुर्सी ना खींच ले।

I wish all the candidates and voters all the very best. May the best person win and India has a bright 5 year ahead.

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2 Responses

    • Ankita Pathak

      शुक्रिया नवीन। कृपया पढ़ते रहिये

      1+

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